


चंडीगढ़ : पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म के 100 वर्ष पूरे होने पर उनकी जन्म शताब्दी के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि भाजपा पंजाब के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की।अटल जी ने संसद में उठाई थी 84 दंगों के खिलाफ आवाज कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी महज एक राजनेता नहीं, बल्कि एक राष्ट्रपुरुष थे। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कश्मीर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए बताया कि जब मुखर्जी कश्मीर में दाखिल हुए और उन्हें गिरफ्तार किया गया, तो उस वक्त अटल जी उनके साथ डटकर खड़े थे। चुघ ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के दौर में भी अटल जी ने हिंदू-सिख भाईचारे और राज्य की शांति के लिए निरंतर प्रयास किए। 1984 के सिख कत्लेआम के समय जब पूरा देश स्तब्ध था, तब संसद में इस विभत्स हत्याकांड के खिलाफ सबसे बुलंद आवाज अटल जी ने ही उठाई थी।
खालसा सृजना दिवस पर दिए थे 300 करोड़
तरुण चुघ ने बताया कि 1999 में खालसा पंथ के 300 साला सृजना दिवस कार्यक्रमों के दौरान अटल जी के नेतृत्व में ही श्री आनंदपुर साहिब के विस्तार के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि दी गई थी। उन्होंने अटल जी के सुशासन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में सड़कों का जाल बिछाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को शक्ति संपन्न बनाना और करगिल युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाना उनके मजबूत नेतृत्व की पहचान थी।
डॉ. सुभाष शर्मा ने उठाए क्षेत्र के अहम मुद्दे
कार्यक्रम में विशेष अतिथि डॉ. सुभाष शर्मा ने श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने एनएफएल (NFL) नंगल के विस्तार की वकालत की, जिससे न केवल इलाके के नौजवानों को रोजगार मिले बल्कि पंजाब की अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने नंगल और श्री आनंदपुर साहिब को एक बड़े पर्यटन केंद्र (टूरिज्म हब) के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की अपील की।
बाढ़ से बचाने के लिए स्वां नदी के चैनेलाइजेशन की मांग
डॉ. शर्मा ने क्षेत्र में बाढ़ की समस्या का जिक्र करते हुए सतलुज नदी में गिरने वाली स्वां नदी के चैनेलाइजेशन का मुद्दा उठाया। उन्होंने चिंता जताई कि हिमाचल प्रदेश की सीमा तक चैनेलाइजेशन हो चुका है, लेकिन पंजाब में यह काम अधूरा होने के कारण हर साल दर्जनों गांव बाढ़ में डूब जाते हैं। उन्होंने रेलवे और एनएचआई (NHI) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी बात की।इस सम्मेलन में विधानसभा इंचार्ज परमिंदर शर्मा, जितेंद्र अटवाल सहित सभी मंडल अध्यक्ष और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा।






