

जालंधर : शिरोमणी अकाली दल ने आज मांग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा गुरु साहिबान के खिलाफ की गई घोर बेअदबी और उसको दबाने के लिए कॅवरअप अभियान जिसके तहत मुख्यमंत्री ने स्वयं को क्लीन चिट देने के लिए फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के लिए पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल करने वाले पूरे मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की है।
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल की पांच मैंबरीय कमेटी बनाई गई है, जिसका काम मुख्यमंत्री और उनके कार्यों के खिलाफ जनआंदोलन आयोजित करने के लिए सभी धार्मिक संगठनों और संत समाज से संपर्क करना है। उन्होने कहा,‘‘ सिर्फ सीबीआई जांच से ही इस मुददे के तह तक पहुंचा जा सकता है, क्योंकि यह अंतर राज्यीय मामला बन गया है और इसमें पैसे का लेन-देन शामिल है इसीलिए इस मामले की जांच करवाए जाने की आवश्यकता है।’’
इस मामले की पूरी जानकारी देते हुए स. महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा,‘‘ यह साफ हो गया है कि इस मामले में मुख्य आरोपी मुख्यमंत्री हैं। दस्तावेजों की हेराफेरी और जालसाजी मुख्यमंत्री के इशारे पर की गई है, यह भी स्पष्ट हो चुका है।’’ उन्होने कहा कि आम आदमी पार्टी ने न केवल नकली दस्तावेज बनाए बल्कि सार्वजनिक रूप से उसका इस्तेमाल भी किया और विशेष रूप से डीजीपी गौरव यादव से मामले की जांच की मांग करते हुए उन दस्तावेजों को असली दस्तावेज के रूप में पेश किया।
डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने इस मामले की पूरी जानकारी देते हुए कहा कि भगवंत मान को एफआईआर का लाभार्थी बनाकर पंजाब में संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। उन्होने कहा कि इस प्रक्रिया में मुख्यमंत्री ने खुद को बचाने के लिए न केवल कानून और संविधान का उल्लंघन किया है, बल्कि राज्य की शक्तियों और राज्य के धन का दुरूपयोग भी किया है। उन्होने कहा,‘‘ यह सब श्री अकाल तख्त साहिब को बदनाम करने के लिए किया गया है।’’ उन्होने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने अभी तक यह स्पष्ट नही किया है कि उन्होने किस क्षमता से पंजाब पुलिस के कमिशनर स्तर के अधिकारियों को फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए भेजा था। उन्होने कहा,‘‘ इस बात को लेकर कोई स्पष्टता नही है कि भगवंत मान ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए यां खुद ही हेराफेरी की ।’’ उन्होने वित्तमंत्री हरपाल चीमा से यह स्पष्ट करने को कहा कि उन्होने किस आधार पर नकली फोरेंसिक रिपोर्टो को सार्वजनिक किया और दावा किया कि यह असली रिपोर्ट है।
वरिष्ठ नेता स. बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अकाल तख्त साहिब से टकराव कर रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ इसके बाद अपनी गलती छिपाने के लिए उसने गुड़गांव से फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने सहित झूठ का सहारा लिया। अब जब वह बेनकाब हो गया है और यह साबित हो गया है कि पंजाब पुलिस के अधिकारियों की टीम द्वारा फोरेंसिक रिपोर्ट ‘गढ़ी’ गई थी तो भगवंत मान फिर से नए झूठ बोलकर सिख संगत को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे वह जितनी भी कोशिश कर ले, उसे पता होना चाहिए कि श्री अकाल तख्त साहिब के साथ टक्कर लेकर कोई भी सफल नही हुआ है।’’कमेटी के अन्य सदस्यों में स.गुलजार सिंह रणीके और स. अमरजीत सिंह चावला भी शामिल हैं।