

जालंधर : कांग्रेस नेता एवं पंजाब ब्राह्मण बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर रविश राज शर्मा ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों पर चिंता जताई। उन्होंने मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत पद से सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ पर्चा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने वोट चोरी करके देश के लोकतंत्र को खतरे में डाला है। उनकी मनमानियों को खुद उनके सहयोगी चुनाव आयुक्तों ने खुलासा किया है। उनकी शिकायतों को दरकिनार किया गया।
रविश राज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लंबे समय पहले ही मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। जोकि अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर उठे सवालों पर संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका के स्तर पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को कार्यपालिका के किसी भी संभावित प्रभाव से मुक्त रखते हुए उसकी संस्थागत स्वतंत्रता को और मजबूत करना लोकतंत्र के हित में है।
उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव करवाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का सवाल उठना गंभीर विषय है और जनता का चुनावी व्यवस्था पर भरोसा हर हाल में कायम रहना चाहिए। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर उठने वाले हर सवाल का निष्पक्ष और संवैधानिक तरीके से समाधान होना चाहिए, ताकि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत हो।