
जालंधर : पंजाब में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी फललों को हुए भारी नुकसान के लिए पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से किसानों को 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही बाढ़ के कारण हुए नुकसान से अभी तक उभऱ नहीं पाए हैं। अब बेमौसमी बरसात ने गेहूं से लेकर सब्जियों तक की फसलों की बड़े पैमाने पर बर्बाद कर दिया है। जिससे किसान न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक रूप से भी टूट गया है।परगट सिंह ने कहा कि पहले से कर्ज में डूबे देश के अन्नदाता को समय पर उनकी खराब हुई फसलों का मुआवजा मिल जाए तो उनको बड़ी राहत मिलेगी। पंजाब में बीते समय दो किसान भाइयों ने खेती के लिए लिया गया कर्ज न उतार पाने से दुखी होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। यह पंजाब के लिए दर्दनाक ही नहीं बल्कि शर्मनाक भी है। सरकार को चाहिए वह किसानों को इस संकट की घड़ी में मदद कर दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करे।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपना वादा पूरा करें, जिसमें वह कहते थे कि किसानों की मदद के लिए खड़ा होना सरकार का कर्तव्य है, किसानों पर एहसान नहीं है। किसानों को सरकार अब उनका वह मुआवजा दे जिसके वे हकदार हैं, जो उनका हक है तो उनको तुंरत बड़ी राहत मिल सकेगी। अब सरकार को किसानों के साथ खडा होना चाहिए और उनके एकाउंट में तुरंत मुआवजे की रकम ट्रांसफर करना चाहिए।जिस तरीके से बारिश और ओलावृष्टि हुई है, किसानों की हजारों एकड़ खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। जबकि बहुत सारी फसल पक कर कटने को तैयार थी। सरकार को चाहिए कि वह किसानों की ज्यादा नमी वाली फसलों की खरीद भी सुनिश्चित करे। जिससे की किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी न आए।परगट सिंह ने कहा कि गेहूं और धान की फसल हमेशा से ही किसानों की जिंदगी का अहम हिस्सा रही है। क्योंकि सरकार दालों, दलहन, फलों और अन्य फसलों पर एमएसपी नहीं दे पाई है। आम आदमी पार्टी की सरकार अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई है और न ही अभी तक सभी फसलों पर एमएसपी ही दिलाई जा सकी है। किसान अब इस आपदा की घड़ी में सरकार की तरफ नजरें लगाए हैं। उन्हें तुरंत मुआवजा मिलना ही चाहिए। आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती है। सरकार तुरंत नुकसान का आकलन कर और राहत प्रदान करने को ठोस कदम उठाए।